IRAQ में बंधक 29 भारतीय स्वदेश लोटे, भावुक होकर भारत माता की जय और वन्दे मातरम के लगाये नारें
नई दिल्ली। इराक (IRAQ) में बंधक 29 भारतीय नागरिकों को लेकर बूंदी व राजस्थान सहित देशवासियों के लिए अच्छी खबर आयी है। जिंदा वापस अपने देश लोटने कि आंस खो चुके इराक में बंधक सभी भारतीय स्वदेश लोट आये है। इस मामले में स्थानिय प्रशासन एंव युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव के विशेष प्रयास रहैं।
इराक के नजफ शहर में कई दिनों से बंधक बनाए गये राजस्थान के बूंदी जिले के 8 निवासियों सहित सभी 29 भारतीय नागरिक सकुशल स्वदेश लौटे। राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव चर्मेश शर्मा ने सोमवार रात नई दिल्ली इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर माल्यार्पण व तिलक लगाकर सभी का स्वागत किया।
इराक से रिहा होकर अपने वतन पहुंचे 29 भरतीय नागरिको ने भारत माता की जय और वन्दे मातरम के नारें लगाये, इस दोरान इराक से रिहा हुए उन भारतीय नागरिको के साथ मित्र व परिजन भी भावुक हुये।
भारत पहुंचते ही रो पड़े कई राजस्थान निवासी भारतीय नागरिक, कहा हमने जिंदा अपने परिवार के पास पहुंचने की आस छोड़ दी थी..। ”छलक उठा पीड़ितों का दर्द“ इराक में भारतीय नागरिकों के जीवन का कोई मूल्य नहीं हैं। भारतीयों के साथ हो रहा जानवरों सें भी बुरा बर्ताव किया जाता हैं।
कहा मुझे भी नहीं आ रही थी चैन की नींद, कई दिनों से दिन रात दिन पल पल बगदाद दूतावास पीड़ितों व कम्पनी के सम्पर्क में रहा, हमारे मानवीय प्रयास अपनी जगह लेकिन इराक से सकुशल जीवित लौटना ईश्वरीय अनुकंपा व सभी की प्रार्थना से ही सम्भव।
आखिर मृत्यु के 20 दिन बाद बगदाद से भारत आया भंवर सिंह का शव
इराक सरकार के अमानवीय कानूनों के कारण पिछले 20 दिनों से बगदाद चिकित्सालय की मोर्चरी में अपने अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा कर रहे राजस्थान निवासी भारतीय नागरिक भंवर सिंह का शव लम्बे इंतजार के बाद सोमवार तड़के भारत पहुंचा था। सिंह को बगदाद से नई दिल्ली इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एयरइंडिया की फ्लाईट द्वारा भारत लाया गया। रात 2ः30 बजे से लेकर सुबह भोर तक शव की चिकित्सकीय व कस्टम जाँच सहित विमान प्राधिकरण द्वारा अन्य निर्धारित औपचारिकताएं पूरी की गयी।
जिसके बाद भंवर सिंह की दिवंगत देह उनके साले विजय सिंह चैहान को राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव चर्मेश शर्मा व भंवर सिंह के चचेरे भाई लक्ष्मण सिंह की उपस्थिति में सुपुर्द कर दी गयी। जिसके बाद परिजन एम्बुलेंस में भवँर सिंह के ताबूत में रखे शरीर को लेकर झुंझनु में उनके गाँव के लिये रवाना हुए। जहां उनका अतिम संसकार हुआ
इस मामले को लेकर बूंदी जिला कलेक्टर द्वारा भी 13 फरवरी को राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय व विदेश मंत्रालय को आधिकारिक रूप से मेल भेज कर तत्काल भंवर सिंह सिंह को भारत लाने का आग्रह किया था। राष्ट्रपति सचिवालय व भारत सरकार विदेश मंत्रालय भी में अतिशीघ्र कार्यवाही के लिये आधिकारिक भी शिकायत दर्ज की गयी थी।बून्दी में बड़ी संख्या में युवाओं ने विदेश मंत्री को खून से पत्र भी लिखे थे। लेकिन इराक सरकार की मनमानी कानून व्यवस्था भंवर सिंह को भारत लाने में बाधा बन रही थी ।इराक सरकार द्वारा एक मृत व्यक्ति से ही कानूनी अपेक्षाएं पूरी करवाने की कोशिश की जा रही थी।